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Sunday, 22 October 2017

संवाददाता :अमित वर्मा


संवाददाता : अमित वर्मा

कानपुर --एक तरफ पीएम मोदी स्वच्छता अभियान और प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए कई योजनाए बनाने में जुटे हुए हैं वही दूसरी तस्वीर उत्तर प्रदेश की ओद्योगिक राजधानी कहे जाने वाली कानपुर शहर की है जहां के जाजमऊ इलाके के पेउंदी गांव में कई वर्षों से जानलेवा भट्टियां धधक रही हैं जिसकी चपेट में जाजमऊ के करीब 5 से 6 गांव शामिल है। कई बार शिकायत करने के बाद भी अब तक इस मामले में सरकार व जिला प्रशासन ने सुध नही ली है। इन भट्टियों से निकलने वाले जानलेवा धुएं के कारण गांव के लोग अपनी बेटियों की शादी नही कर पा रहे हैं। इन भट्टियों में गलाया गया चमड़े का पानी सीधे गंगा में गिरता है जो सरकार के दावों की लगातार पोल खोलते हुए दिखाई दे रहा है।जो  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वक्ष भारत मिशन को  मुँह ,चिड़ा रहा है। लोगो को प्रदुषण से काफी दिक्क्तों का सामना करना पढ़ रहा है रविवार को गांव वालो सहन सिलता ख़त्म हो गई और सैकड़ो की संख्या में गांव वाले इकठ्ठा होकर यहां की चर्बी और ग्लू फैक्ट्रियों में ढाबा बोल दिया ,इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। वही चर्बी और ग्लू फैक्ट्री मालिक अपनी अपनी फैक्ट्री छोड़ कर भाग खड़े हुए ,
रविवार को चकेरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत जाजमऊ स्थित पेउंदी गांव है जहां कई की संख्या में गंगा नदी किनारे ग्लू भट्टियों से निकलने वाले जहरीले धुएं ने आसपास के गांव में आतंक मचा रखा है जिसकी चपेट में करीब 5 से 6 गांव आ गए हैं सोने लाल यादव पेउंदी गांव निवासी ने बताया कि आज हम सब ग्रामीणों ने एकत्र होकर यहां चल रही ग्लू भट्टियो को बंद।

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