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Monday, 30 October 2017

नियमों को नही मान रहे बैंक, बाजार में संकट बरकरार




संवाददाता : पूनम शुक्ला
एक के छोटे सिक्कों को नही ले रहे दुकानदार
सामग्री का बढा दिया रेट, रेजगारी से सामान लेने पर मनमानी वसूली

कानपुर नगर, एक तरफ बाजार रेजगारी से पटा पडा हुआ है तो दुसरी तरफ बैंक आरबीआई के नियमों को धता बताते हुए 1000रू0 के सिक्के लेने वाले नियम को नही मान रहे है। सिक्के की बहुतायत अब बाजार में उथल-पुथल मचा रही है। छोटा दुकानदार तो प्रभावित है ही साथ साथ आम जनता भी अब रेजगारी से उब चुकी है। वहीं दुकानदार इस समस्या में भी अपना फायदा उठा रहे है। रेजगारी लाने पर सामग्री के रेट अलग लगाये जा रहे है। कुछ दुकानदारों का साफ कहना है कि सिक्के लाये हो तो सामान इस रेट में लगेगा, क्योंकि उनके भी पैसा बडे व्यापारियों को देना पडता है जो लेते नही ऐसे में पैसों को नोटो में बदलावाने के लिए कमीशन देना पडता है।बाजार रेजगारी से भरा पडा है, बैंक रेजगारी वापसी के नियमों को मान नही रही हैं आम आदमी को आज भी बैंको से वापस होना पड रहा है। बात यहीं तक सीमित नही है अब तो दुकानदारों ने 1रू0 के छोटे सिक्के लेने बंद कर दिया है। अफवाह कुछ इस तरह भारी है कि पूरे शहर में 1रू0 के छोटे सिक्के नही लिये जा रहे है। दुकानदारों का साफ कहना है कि यह सिक्के नही चल रहे है लेकिन इस सम्बन्ध में आरबीआई द्वारा कोई निर्देश जारी नही किये गये है। बाजार में सिक्को पर भारी कमीशनखोरी चल रही है। नयागंज में कई रू0 बदलने का कारोबार करने वाले 26 प्रतिशत तक में रेजगारी बदलने का काम कर  रहें है। वहीं दुकानदार भी मौका का पूरा फायदा उठा रहा है। वह रेजगारी लेने के बदले महंगी सामग्री बेंच रहा है। जानकारों की माने तो अर्थव्यवस्था में लगभग 26 हजार करोड रू0 की रेजगारी प्रचलन में है। कानपुर शहर में ही लगभग दो सौ करोड रूपये से अधिक की रेजगारी बाजार में है। कुल मिलाकर इसमें छोटा व्यापारी बुरी तरह परेशान हो रहा है तो आम आदमी भी इस समस्या की चपेट में है। बैंको को भले ही प्रत्येक खाते से 1 हजार रू0 की रेजगारी लेने के निर्देश है लेकिन बैंक इन नियमों को मान नही रही है। बैंक में कहा जा रहा है कि वह रेजगारी लेकर कहां डंप करेंगे तो दुकानदारों के सामने समस्या यह है कि उनकी पूंजी फंसती जा रही है। हालात बिगडते जा रहे है रेजगारी लेने या न लेने को लेकर कईबार विवाद भी हो रहे है। यदि जल्द ही इस गंभीर होती समस्या पर सरकार ध्यान नही देती है तो बाजार की स्थिति और भी खराब हो जायेगी।

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