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Wednesday, 22 November 2017

ईवीएम में कैद हुआ महापौर के 13 तथा पार्षद के 1239 प्रत्याशियों का भविष्य

सुबह से मतदान स्थलों पर आने लगे मतदाता
प्रशस्तिपत्र दिखाते मतदाता प्रकाशवीर्य आर्य व अन्य मतदाता
मतदान केंद्रो पर निरीक्षण करते मण्डलायुक्त पीके महन्ती व आईजी रेंज कानपुर
मतदान केंद्रो को आकर्षक ढंग से सजाया गया, मतदाताओ ने किया तारीफ
मतदान करके आती सपा पार्टी से मेयरपद प्रत्याशी माया गुप्ता
वोट डाकर मतदान केंद्र से बाहर आते पूर्व मेयर पं0 जगतवीर सिंह द्रोण व उनकी धर्मपत्नि
वोट डालते भाजपा के हथकरधा उधोग मंत्री सत्यदेव पचौरी
वोट डालने के आई अपने परिजनों के साथ वृद्ध महिला
बंद रहे शहर भर के व्यापारिक प्रतिष्ठान
मतदान केंद्रो पर लगातार निरीक्षण करते प्रशासनिक अधिकारियो का अमला
कानपुर नगर(विशु रक्सेल,रजत सिंह) नगर निगम सहित पांच निकायों के कुल 2200272 मतदाताओं ने कल 22 नवम्बर को प्रत्याशियों के भविष्य पर फेसला किया। सभी के भविष्य का फेसला ईवीएम मशीनो में कैद हो गया। नगर निगम के महापौर पद के लिएभाजपा की प्रमिला पांडेय, कांग्रेस की वंदा मिश्रा, बसपा की अर्चना निषाद तथा सपा की माया गुप्ता सहित कुल 13 मेयर प्रत्याशियों और 110 पार्षदो को नगर की जनता ने चुनने के लिए वोट किया। सुबह साढे सात बजे वोट पडने शुरू हो गये जो शाम पांच बजे तक डाले गये। नगर निगम, नगरपालिका परिषद घाटमपुर और बिल्हौर, नगर पंचायत बिठूर तथा शिवराजपुर के लिए वोट डाले गये। मतदान करने के लिए जिले के 181 वार्डो में कुल 576 मतदान केंद्र तथा 1817 मतदेय स्थल पर मतदाताओं ने वोट डाले। वोट सबुह साढे सात बजे से शाम पांच बजे तब डले गये इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी बूथों का जायजा लेते रहे तो वहीं  अति संवेदनशील स्थलों के साथ बवाली जगहो की ड्रोन द्वारा निगरानी की जाती रही। इसके साथ ही मतदान के दौरान सुरक्षा च्रक अभेद रहा। चप्पे चप्पे पर पुलिस और खुफिया की नजर बनी रही तो वहीं अति संवेदनशील केंद्रो में तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया। इस दौरान सीआरपीएफ, आरएएफ, पीएसी की टुकडी भी हथ्यिों से लैस होकर तैनात रही। शहर की समाओं पर खास चैकसी बरती गयी। शहर में मतदान को देखते हुए हर बूथ पर चुस्त दुरूस्त व्यवस्था रही और मतदान शांतिपूर्वक निट गया। मतदान केंद्रो और स्थलों पर सुरक्षाकर्मी मुस्तैदी से तैनात रहे और व्यक्ति पर नजर रखते रहे, किसी भी प्रकार की अव्यवस्था पर उसे संभालते रहे। मतदान करने के बाद किसी को भी मतदान स्थल पर रूकने नही दिया गया तो इस बाद का विशेष ध्यान रखा गया कि कोई मतदान स्थल तक मोबाइल व बैग आदि न ले जा सके। मतदान केंद्रो के बाहर पुलिस मतदाता पर्ची और प्रमाणपत्र चेक कर रही थी तो बाहर तैनात पुलिस मतदार केंद्रो पर भीड एकत्र नही होने दे रही थी। प्रशासन द्वारा बुजुर्गो और विकलांगजनो के लिए अलग से व्यवस्था कर रखी थी जिसके चलते बुजुर्गो व विकलांगो को लाइन नही लगानी पडी और मतदान केंद्रो तक सवारी के माध्यम से उन्हे आसानी से ले जाया गया।

पहले मतदान कर्ता को जिलाप्रशासन ने दिया प्रशस्तिपत्र
कानपुर के निकाय चुनाव के पहले राउंड का मतदान सुबह साढे सात बजे शुरू हुआ। हालांकि सुबह साढे सात बजे ही जागरूक मतदाता मतदाने केद्रो पर उपस्थित हो गये थे लेकिन पहला मतदान करने वाले मतदाता को जिला प्रशासन ने प्रशस्तिपत्र भी दिया। प्रशस्तिपत्र पाने के बाद मतदाता के चेहने पर खुशी देखते ही बनती थी।
निकाय चुनाव में वोट प्रतिशत बढाने के लिएि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा इस बाद अभिनव प्रयोग किया गया जिसमें बूथ पर पहला वोट डालने वाले मतदाता को जागरूक मतदाता का प्रमाण पत्र दिया गया जिसके चलते मतदाता सुबह ही मतदान केंद्रो पर पहुंच गऐ, उसमें भी युवाओं में विशेष उत्साह दिखा। प्रशस्तिपत्र के रूप में लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने का प्रमाणपत्र दियागया। बूथ संख्या 776 पर सबसे पहले मतदान करने गोविन्द नगर निवासीप्रकाश वीर आर्य को पीठासीन अधिकारी पी0के0 पाण्डेय ने राजय निर्वाचन आयोग द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रदान किया तथा अन्य लोगों को मायूस होकर वापस लोटना पडा। मतदाताओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे निश्चित रूप से मतदान के प्रति लोगो में जागरूकता बढेगी और मतदाता प्रशस्तिपत्र पाकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस करहे। वहीं मतदाताओ ने प्राप्त प्रमाण पत्र को व्हाटसअप एवं फेस बुक जैसे सेाशल मीडिया पर भी खूब शेय किया। इसी प्रकार भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र मैथानी के बेटे शशांक मैथानी ने अपने पहले मताधिकार का प्रयोग सबसे पहले किया जिसपर डीएम ने उन्हे प्रशस्तिपत्र प्रदान किया।

सुबह से ही मतदान स्थल पर पहुंचने लगे मतदाता
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के पहले चरण में कानपुर में मतदान के प्रति उत्साहित मतदाता सुबह साढे सात बजे से ही मतदान केंद्रो पर पहुंचने लगे। बीते दो दिनो से शहर में शीत लहर भी चल रही है। बावजूद इसके महिलाये सुबह ही मतदान केंद्रो पर पहुंच गयी। इतना ही नही वृद्धजनो और दिव्यांगो ने भी इस मतदान में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। दोपहर 12 बजे के बाद से मतदान केंद्रो में मेला सा लग गया और मतदाताओं की भीड उमड पडी। इस बार खास बात यह रही कि महिलाओं ने भी बढ-चढ कर वोट किया।

अनियमितताओं को लेकर हुई गर्मागर्मी
मतदान केंद्रो पर लाख व्यवस्थाओं के बाद भी अनियतितता देखने को मिली। सुबह से ही मतदान केन्द्रो पर मतदाताओं की कतारे लग चुकी थी। कई मतदान केन्द्रो पर ईवीएम मशीनो के खराब होने की सूचना मिली। यहां मशीनों में आई खराबी के कारण मतदान शुरू न होने के कारण मतदाताओं में रोष दिया। कानपुर के अतिसंवेदन शील रावतपुर इलाके के रामलला स्कूल में दो ईवीएम मशीने ाराब होने के कारण मतदाताओं में रोष दिखा। अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रो पर जिला प्रशासन ने ड्रोन कैमरों की भी मदद ली। वहीं जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि शहर में सभी मतदान स्ािल पर शांतिपूर्ण ढंग से मतदान हो रहा है। ईवीएम खराब होने पर बैकअप व्यवस्था की गयी है। इसी के साथ शहर में कई मतदान केंद्रो पर  ईवीएम में गडबडी की शिकायत सामने आई, जिसके बाद मतदाताओं के साथ ही प्रत्याश्यिों के एजेंटों ने जमकर हंगामा भी किया।

वोटरो ने किया हंगामा
निकाय चुनाव में मतदान केंद्रो पर उस समय परिस्थिति गंभीर हो गयी जब वोट देने आये मतदाताओं को वोट नही डालने दिया गया। कई बूथों पर जो महिला व पुरूष वोट देने आये उनका विवरण न मिलपाने के कारण उन्हे बोट नही डालने नही दिया गया। महिलाओं ने बताया कि उनके पास वोटर पर्ची है जिसमें उनका नाम है तो आधार में भी उनका नाम है। उन्हे इस लिए वोट नही डालने दिया गया कि कहीं उनके पति में पिता का नाम लिखा है तो कहीं और किसी का, जबकि फोटो और पता सब सही है। इस बात को लेकर मतदान स्थल पर मौजूद कर्मियों से मतदाताओं का कई बार टकराव हुआ। वहीं वार्ड 104 बम्बइया हाता बूथ संख्या 1636 के प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि कोई भी वोटर यदि वोट डाल रहा है तो वो वोट बीजेपी को जा रहा है। वार्ड 104 के मतदान केंद्र पर हुई गडबडी की बात वहां पर मौजूद पीठसीन अधिकारी शिवराम ने भी मानी और तत्काल इसे ठीक कराया। इस बात पर हंगामा शुरू हो गया। हंगामें के चलते लगभग 1 घंटे मतदान रूका रहा। आलाधिकारियों के मौके पर पहुंचने पर ईवीएम मशीन को बदलवाया गया, जिसकके बाद पुनः मतदान शुरू हुआ। वहीं कई स्थानों पर वोटर लिस्ट में नाम न होने या गडबडी होने पर भी मतदाताआंे ने हंगामा किया तो कहीं पुलिस द्वारा लाठी पटककर मतदाताओं को खदेडा गया।

बंद रही शहर की दुकाने
कानपुर निकाय चुनाव के चलते मतदान के दिन कल बुधवार को शहर की सभी छोटी-बडी बजारो की दुकाने बंद रही। व्यापारी भी अपने परिवार के साथ मतदान स्थल तक जाते दिखे। खास बात यह रही कि मतदान केंद्र तक वाहन जाने की सुविधा होने के कारण वह लोग जिसमें
विकलांगजन, वृद्ध या कुछ ऐसे लोग जो वोट देने नही जाते थे वह भी मतदान करने पहुंचे। प्रशासन द्वारा मतदान स्थलों तक पहुंचने के लिए दी गयी सुविधा के कारण वोटो के प्रतिशत में खासा इजाफा हुआ है। पूरा शहर पूरी तरह से बंद रहा और वोट डालने के बाद व्यापारी अपने प्रतिष्ठानो के बाहर बैठे बातें करते है। वहीं सडकों मोहल्लो में भी राजनैतिक माहौल बना रहा। लोग प्रत्याशियों को लेकर अटकले लगाते दिखायी दिये।

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