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Wednesday, 29 November 2017

सांड ने वृद्धा को पटका

कई बार अवैध चट्टो की नगर आयुक्त को की जा चुकी शिकायत
खानापूर्ति कर वापस चले गये नगर नगर निगम कर्मी

कानपुर नगर(विशु रक्सेल) कानपुर की सडकों पर जहां आवारा पशुओं की समस्या बढती जा रही है तो वहीं रोज कोई न कोई हादसा इन आवारा पशुओं के कारण होता है। आलम यह कि नगर निगम और उसके अधिकारी कानो मेे तेल डाले सो रहे है और शहर की जनता खामयाजा भुगत रही है। वहीं जानवर पकडने के नाम पर पूरे शहर में जमकर वसूली चल रही है। ग्वालटोली, अहिराना और सूटरगंज क्षेत्र पूरी तरह अवैध चट्टो को बडा गढ बन चुका है। सूटरगंज की हालत सबसे बुरी है। यहां मुख्य सडक बीते एक वर्ष के खुदी पडी है वहीं दर्जन भर से अधिक लोग अपने जानवरी सडक पर बांधते है। इतना ही नही दूध दुहने के बाद गायों को सडकों पर खुला छोड दिया जाता है। बीते दो दिन पहले एक वृद्धा को सांड ने उठाकर पटक दिया। लगभग 75 वर्षीय वृद्धा के कमर और हाथों में गंभीर चोट आई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पूरे क्षेत्र में सडकों पर सैकडो गाय बांधी जा रही है। नगर आयुक्त को कई बार शिकायत की गयी लेकिन कार्यवाही नही की जा रही है।यूं तो शहर का कोई भी क्षेत्र आवारा जानवरो की भरमान से बचा नही है। शहर से बाहर चट्टा ले जाने की योजना तो गयी पानी में आवारा जानवरो पर ही नगर निगम नकेल नही डाल पा रहा है। कारण कोई भी हो लेकिन लापरवाही नगर निगम के अधिकारी को इस बात से कोई फर्क नही पडता है कि शहर में यह आवारा जानवर कितना उत्पात मचा रहे है। सूटरगंज क्षेत्र के कुछ लोगों ने बताया कि शिकायत करने के बाद स्थानीय लोगो पर जानवर पालकों ने दबाव बनाया तो वहीं शिकायत पर निरीक्षण करने आये नगर निगम के कर्मी समस्या की अनदेखी कर गये। हालात यह है कि पूरे क्षेत्र की सडके गोबर से पटी है। दर्जनो गाय सडको पर बैठी रहती है। कूडे के अंबार लगे है जिनपर सुवर लोटते है लेकिन देखने और सुनने वाला कोई नही आये दिन लोग गिरकर चुटहिल होते है। स्थानीय निवासियों ने यहां तक कहा कि निकाय चुनाव में मतदान के पहले तक चरण छूने वाले पार्षद प्रत्याशी उसके बाद गायब हो गये है कोई इस समस्या के समाधान की कोशिश नही कर रहा है।

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