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Friday, 3 November 2017

अधिकारियों ने नही दिख रहे गलियों और सडकों पर बने चट्टे

         शहर भर में अवैध चट्टो की भरमान, चट्टा संचालकों की                            मानमानी से क्षेत्रीय निवासी परेशान
अभी तक नही बन सकी कोई ठोस योजना और नही हो सकी कोई कार्यवाही
संवाददाता : विशु रक्सेल
कानपुर नगर, गलियों में, चैराहो में, आम सडको से लेकर मुख्य सडको, हाइवे के किनारे हर जगह पूरे शहर भर में चट्टे खुल गये है। तमाम सरकारी फरमानों को ढेंगा दिखाते हुए चट्टा संचालकों की मानमाी जारी है। शहर में सडक हो या पार्क या ग्रीन बेल्ट हर जगह अवैध चट्टों की भरमार है और अधिकारी इस ओर आंखे बंद किये बैठे है। यही नही शहर के कई पाॅश इलाकों में बडे-बडो चट्टे स्थापित है जहां सैकडो की संख्या में दुधारू जानवर पले है, जिनके गोबर को एकत्र करने के बजाय नालियों में बहाया जा रहा है। ग्वालटोली अहिराना, सूटरगंज, आर्य नगर, स्वरूप नगर, अशोक नगर, हाईवे मार्ग, गोविन्द नगर, इंदिरा नगर, लखनपुर सहित लगभग सभी क्षेत्रों की हालात इन चटटो के कारण खराब होते जा रहें है।शहर में हजारो की संख्या में चल रहे चटटो को हटाने की चर्चा तो कई बार हुई, जतन भी कई बार किये गये लेकिन इमानदारी के साथ एक बार भी प्रयास नही किया गया। आलम यह कि दिन बीतने के साथ चट्टो की संख्या में जहां बढोत्तरी हो रही वहीं चट्टा संचालको द्वारा नये-नये स्थानों पर कब्जा किया जा रहा है। आज शहर की सभी मुख्य सडकों पर जानवरो बधें दिख जायेगे। भैसों को तो चटटो में ही रखा जाता है लेकिन गायों को दुहने के बाद छोड दिया जाता है। एक आंकडे के अनुसार शहर भर की सडकों पर लगभग एक लाख से ज्यादा आवारा जानवरों का जमावडा रहता है जो आये दिन हादसो का कारण बनता है। बानगी भर में देखा जाये तो स्वरूप नगर, स्टूरगंज, ग्वालटोली अहिराना, शास्त्री नगर, इंदिरा नगर, लखनपुर आदि क्षेत्रों में चटआ संचालकों ने सडक पर कब्जे कर रखे है और इन्हे किसी प्रकार कोई रोकने व टोकने वाला नही है। वहीं विभागीय अधिकारी भी इस ओर से मुंह मोडे हुए है। इन क्षेत्रों में हजारो की संख्या में दुधारू जानवर चटटो में है। चटटा संचालको ने आधी-आधी सडके तक घेर ली है। सडक के किनारे गोबर के पहाल बन चुके है जिसकी सडान के कारण राहगीरों का निकलना दूभर है तो कई चटटा संचालको के यहां गोबर नही मिलेगा क्योंकि वह नालियों में गोबर को बहा देते है। जीटी रोड पर दलहन संस्थान के सामने इंद्रा नगर जाने वाले मार्ग पर ही दो दर्जन से अधिक चटटे है, यहीं हाल पूरे शहर का है। ऐसे में स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत किस प्रकार होगा यह कहना मुश्किल है। चटटो के कारण फैली गंदगी से मच्छर पनप रहे है जो लोगों को बीमार कर रहें है। जब भी विभाग जागता है तो दो-चार दिन कसरत कर ली जाती है लेकिन फिर पहले जैसा हो जाता है।

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