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Sunday, 12 November 2017

चालक व परिचालक कर रहे अवैध कमाई


यात्री बसें बनी माल ढोने का बडा साधन

कानपुर नगर(उमेश शर्मा)एक तरफ उत्तर प्रदेश राजय सडक परिवहन निगम की बसों से कमाई नही हो रही है तो दूसरी तरफ बसों के चालक और परिचालक अवैध कमाई में लिप्त नजर आते है। यह यात्रियों की सुख सुविधाओं को ढेंगे पर रखते हुए माल ढुलाई पर ज्यादा ध्यान देते है। कानपुर के झकरकटी बस अडडे पर इस प्रकार का नजारा आसानी से दिख जायेगा। यहां पर रात में बसों की छत पर भरपूर माल लाद दिया जाता है। इतना ही नही बसों के अन्दर भी व्यापरियों का माल भर दिया जाता है। यह वह व्यापारी होते है जो कानपुर के आस पास के जनपदों से यहां माल खरीदने आते है और ट्रांसपोर्ट के माध्यम से माल भेजने के बजाऐ कुछ पैसा देकर बसों से अपना माल गंतव्य तक ले जाते है। इसमें चालक व परिचालक मनमाने पैसा लेकर बसों में माल भरते है जबकि यात्रियों को परेशानी उठानी पड रही है। यही हाल चुन्नीगंज बस स्टाॅप के साथ अन्य जगहो का भी है।कानपुर नगर में रोडवेज की बसों में बिना बुक किए माल को ढोने का खेल आज का नही है। यह खेल कई सालों से चल रहा है और यह भी कहना ठीक रहेगा इस खेल में अधिकारी भी लिप्त है। बस स्टाॅप पर व्यापारी अपना माल लेकर पहुंचता है और बसों की छतो में तथा अन्दर माल भर दिया जाता है। इस बारे मेें पुलिस भी जानती है लेकिन मौके पर पहंुची पुलिस जेब गर्म करके वापस हो जाती है। सारा खेल सेटिंग से चलता है। शाम होते ही झकरकटी बस अडडे पर व्यापारी पहुंचते है। यहां बसों पर माल चढाने के लिए पहले ही लोगो का जमावडा रहता है। परिचालक के अपनी आदमी होते है जो माल लदवाने का काम करते है। सूत्रो की माने तो भारी तादात में अवैघ रूप से माल ढोने का काम किया जा रहा है। ऐसा नही है कि बसों में यात्रियों एवं बिना बुक किए माल की चेकिंग के लिए परिवहन विभाग के पास टीम नही है लेकिन जो टीम है वह भी महज खानापूर्ति के लिए ही है। चेकिंग प्वाईंट पर अधिकारी सिर्फ यह देखते है कि बस में माल कितना है। कभी कोई पकड-धकड नही होती अधिकारियों को उनका हिस्सा मिल जाता है वहीं यात्रियों की कभी चेकिंग नही की जाती है। ऐसे में कानपुर शहर से हर माह अवैध रूप से माल बाहर के जनपदो में भेजा जाता है और लाखो की कमाई की जा रही है।

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