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Wednesday, 1 November 2017

दबंग भू-माफिया के हमले में बीमार महिला की मौत





पूर्व में पीडिता को लेकर पीडित परिवार पहुंचा था आईजी कार्यालय
संवाददाता : प्रदीप राठौर
कानपुर नगर, आज के दौर में एक साधारण इंसान खाकीक के पास जाने पर सोच कर ही कांप उठता है, कारण यह भी है कि आये दिन समाचारपत्रों में खाकी की जो तस्वीर उभर कर सामने आ रही है उससे लोगो का भरोसा खाकी से उठता जा रहा है। दबंगो से पैसा खाकर पीडितों को ही परेशान करने के किस्से आये दिन सुनने व देखने को मिलते है। वहीं यदि आला अधिकारियों के कार्यालयों में आने वाले पीडितों की अर्जियों पर ध्यान दिया जाये तो अधिकांश मामलों में दिये गये प्रार्थना पत्रो में पुलिस की कारस्तानी की ही शिकायत देखने को मिलती है। दूसरी तरफ पीडित की थाना स्तर पर सुनवाई न होने पर वह अधिकारियों की चैखट पर पहुंचता है जहां से सिर्फ कार्यवाही के लिए कागज आगे बढा दिया जाता है लेकिन इतने मात्र से ही पीडितो का भला नही होता बल्कि दबंग ही नही थाना पुलिस का भी पीडित पर इस बात से उत्पीडन ओर बढ जाता है कि पीडित ने आला अधिकारी से शिकायत कर दी। एक इसी प्रकार मामला सामने आया है, मकान न बेने के कारण एक भूमाफिया ने एक विकलांग से रंजिश पाल ली और रंजिश के कारण एक साल पूर्व एक दबंग भूमाफिया ने एक परिवार के घर के छप्पर पर मिटटी का तेल डालकर आग लगा दी थी जिसमें परिवार में एक महिला बुरी तरह जल गयी थी जिसका अभी तक इलाज चल रहा है। वहीं घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पीडित परिवार को लगातार परेशान किये जाना, पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाना, पुलिस द्वारा पीडित परिवार को चैकी में रात भर मारना, सुलहनामा का दबाव बनाना आदि यातनाओ को सहने के बाद शाासन तथा प्रशासन तक शिकायत करने, कार्यवाही न होने जैसे बाधाओं से जूझती जली पीडित महिला की मौत हो गयी। मुकदमा वापस लेने के लिए एक बार फिर घर पर आये भूमाफिया तथा उनके साथियोे ने जब महिला के पति पर हमला किया, उसके पुत्रो को मारा ऐसे में बीच में आई महिला को धक्का दे दिया जिससे अंदरूनी चोट आई और उसकी मौत हो गयी। वहीं पुलिस ने महिला का पोस्टमार्टम तक कराना उचित नही समझा और महिला का उसके परिजनो ने अंतिम संस्कार करा दिया। मामला देवीन पुरवा, जरौली गांव थाना बर्रा का है जहां एक गरीब विकलांग सुखराम कोरी पर वर्ष 2016 में एक दबंग भूमाफिया सुशील वर्मा ने अपने साथियों के साथ हमला कर दिया और घर के लोगों को मारा-पीटा वहीं घर के छप्पर में आग लगा दी। आग की चपेट में आई विकलाग सुखराम की पत्नी श्रीसुन्दरी बुरी तरह जल गयी थी और जिन्हे इलाज के लिए हैलट में भर्ती कराया गया था। वहीं घटना की रिपोर्ट भूमाफिया सुशील वर्मा के विरूद्ध थाना बर्रा में 26 अगस्त 2016 को दर्ज हुई थी। वहीं महिला का इलाज लगातार चल रहा था, उसके स्वास्थ में कोई लाभ नही हो रहा था। पीडित पति ने बताया कि उर्सला के साथ उसने अपनी पत्नि को लखनऊ मेडिकल कालेज में भी दिखाया लेकिन कुछ आराम नही मिला। वर्तमान में प्राइवेट इलाज कराया जा रहा था। बताया कि 24 अक्टूबर 2017 को एक बार फिर सुशील वर्मा अपने साथियों के साथ उसके घर पहुंचा वह अपने मकान की दीवार बना रहा था। सुशील ने कहा कि उसने जो मुकदमा दर्ज कराया था उसपर मैने पैसे देकर एफआर लगवा दी अब तेरा वो मुकदमा खत्म हो गया, तू बहुत मुकदमाबाजी कर चुका और पीटने लगा। बीच मे आये बडे पुत्र राहुल को भी डण्डे से पीटा तथा वीडियो बना रहे छोटे पुत्र से मोबाइल लेकर तोड दिया। जब बीमार पत्नी बीच में आई तो सुशील ने कहा तू साली अभी जिंदा है और धक्का दे दिया। वहीं पुत्री से भी बदतमीजी की।  पीडित ने बताया कि धक्का लगने के कारण पत्नि जमीन में गिर गयी और उसकी तबियत बिगड गयी, जिससे उसकी मौत हो गयी। इतना ही नही इसके बाद उसने कहा कि मेरी ताकत देखनी है उसने 100 नम्बर डायल किया। इनोवा गाडी से चार सिपाहियों को लेकर आया और पीडित विकलांग तथा उसके बेटे को पुलिस कर्मी उठाकर बर्रा थाना क्षेत्र की गुजैनी चैकी ले गये जहां पुलिसकर्मियों ने विकलांग व उसके पुत्र को बुरी तरह पीटा साथ ही कहा कि वह अपने प्लाट को भूमाफिया सुशील को सौंप दे वर्ना अंजाम और बुरा होगा। पीडित ने बताया कि चोट लगने के कारण उसकी पत्नी की मौत हो गयी लेकिन इस घटना को पुलिस ने दर्ज नही किया और दबंग का साथ देती रही। वहीं अंदरूनी चोट के कारण पत्नी मर गयी। मौत के बाद कहने पर भी पुलिस ने मृतक पत्नी का पोस्टमार्टम नही कराया और जबरन अंतिम संस्कार करा दिया।

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