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Friday, 3 November 2017

अंक घोटाला हुआ उजागर, कुलपति को दिया गया ज्ञापन

        छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविधालय के कोडिंग विभाग                             का उजागर हुआ अंक घोटाला
संवाददाता : रोहित कुमार
कानपुर नगर, कानपुर के छत्रपति शहू जी महाराज विश्वविधालय द्वारा कोडिंग-डिकोडिंग में लगभग 5 से 7 करोड रू0 तक व्यय किये जाते है फिर भी यहा अनियमितता हो रही है। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्याकंन में गडबडी के चलते एसएसी फाईनल(जूलोजी) की छात्रा रिचा देवी पर अंको (वर्ष 2017 में 88 फीसदी)  की बौछार कर दी गयी, जबकि उक्त छात्रा के प्रथम वर्ष में प्राप्तांको का प्रतिशत (वर्ष 2016 में 45 फीसदी) रहा जेा काफी कम था।  मूल्यांकन में हुई इस गडबडी को लेकर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविधालय, कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद यादव ने सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो0 जे0वी0 वैशम्पायन को लिखित शकायत की।कुलपति को दी गयी शिकायत में बताया गया किजूलोजी एसएससी प्रथम वर्ष 2016 केन्द्र डीएवी कालेज की छात्रा को थ्योरी में 400 में 182 कुल 45 प्रतिशत तथा प्रैक्टिकल में 200 में 176 अंक दिये गये था उसी छात्रा को वर्ष 2017 एमएससी द्वितीय वर्ष विषय जुलोजी में 400 में 352 कुल 88 प्रशित एवं प्रैक्टिकल में 200 में 182 अंक दिये गये। एक ही वर्ष में दात्रा ने 43 प्रतिशत अंक की बढोत्तरी कर ली, जहां वह प्रथम वर्ष में बडी मुश्किल से उत्तीण जो पायी। उसने एमएससी द्वितीय वर्ष में विश्वविधालय की मेरिट लिस्ट में तीसरा स्थान पाया। कहा कि इन रोल नं0 पर अंकों में बढोत्तरी की गयी है। इस गडबडी पर जो भी दोशी पाया जाये उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की। कहा कि यह एक उदाहरण है, इस तरह की अनियमितता द्वारा यहां किने कार्य हो रहे है और हुए होगे, जबकि मूल्यांकन विभाग में मूल्यांकन के दौरान चीफ क्वार्डिनेटर एवं प्रधान परीक्षक तक की नियुक्ति की जाती है फिर प्रधान परीक्षक ने छात्र के 80 में 75 अंक पाने पर क्या देखा। वहीं कुलपति के निर्देश है कि जिस छात्र-छात्रा के 70 प्रतिशत से ज्यादा अंक हो उसकी कापी का दुबारा मूल्यांकन कराया जायेगा। 

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