Latest News

Comments system

[blogger][disqus][facebook]

Wednesday, 8 November 2017

अवैध बिजली चोरी से चार्ज हो रही ई रिक्शा की बैटरी



कानपुर नगर(प्रदीप राठौर) कानपुर शहर की सडकों पर वर्तमान में 12 हजार से अधिक ई रिक्शा घूम रहें है। इन ई रिक्शा में 2818 ही आरटीओं में पंजीकृत है, जबकि 6000 हजार से अधिक ई रिक्शा पुराने माॅडल के है। यह ईरिक्शा बैटरी के द्वारा संचालित होते है और इनकी बैटरियों को अवैध रूप से चोरी की बिजली का प्रयोग कर चार्ज किया जा रहा है। शहर के हर क्षेत्र में सडकों पर कटिया द्वारा बैटरी चार्ज करते देखा जा सकता है। बिजली का यह खेल खतरनाक है और कुछ दिनों पहले ही चार्जिंग के दौरान हादसे भी हो चुके है। ईरिक्शा बैटरी को अवैध रूप से बिजली से चार्ज किये जाने पर रोजाना लगभग पांच लाख रू0 से अधिक का चूना लग रहा है।शहर में ईरिक्शा जहां एक ओर यातायात में बडी बाधा बने है तो वहीं ई रिक्शा बैटरी को चार्ज करने में चोरी की बिजली का उपयोग किया जा रहा है। भूंसा टोली, गंगा पुल, परमट, खलासी लाइन जैसे शहर के अधिकांश क्षेत्रों में चोरी की बिजली से ई रिक्शा की बैटरी चार्ज की जा रही है। कहीं कहीं तो सीधे खंभे से तार जोडकर हजारो बैटरियों को चार्ज किया जा रहा है। सूत्रों की माने तो ई रिक्शा चलाने वाले दिन में दो बार बैटरी को चार्ज करते है। रात में खंभो को प्रकाशित करने वाली बिजली के प्लगो से तार जोडकर बैटरी चार्ज करी जा रही है। एक बार ईरिक्शा की बैटरी चार्ज करने में लगभग 10 यूनिट बिजली खर्च होती है। यदि एक नम्बर पर बिजली का उपयोग किया जाये लेकिन ईरिक्शा चालक इतनी महंगी बिजली के खर्च का वहन नही कर सकते, इसलिए कटिया से बैटरी को चार्ज किया जा रहा है। जिसके पास भी ईरिक्शा है वह व्यापारी गतिविधियो के अंतर्गत आता है और उसे इसके लिए काॅमर्शियल कनेक्शन लेना चाहिये लेकिन आज तक किसी भी ईरिक्शा के मालिक ने इस नाम पर कोई कनेक्शन नही लिया है। ट्रांसफार्मर बेस चार बैटरी एक बार चार्ज करने में 10 यूनिट तब बिजली की खपत होती है। चालक कहीं भी चार्जर जोडकर बैटरी चार्ज करने लगते है। एक बार चार्ज होने के बाद ईरिक्शा 60 से 70 कि0मी0 तक चलते है। इस अवैध चार्जिंग के कारण केस्कों विभाग को हर माह लगभग सवा दो करोड की चपत लग रही है। ऐसा भी नही कि ईरिक्शा वालों की इस कारस्तानी की खबर केस्कों के अधिकारियों को नही है लेकिन अभी तक केस्कों के किसी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नही दिया है और न ही इस प्रकार से हो रही बडे स्तर की चोरी को रोकने के लिए कोई योजना बनाई है। इसके साथ ही केस्कों द्वारा कोई ऐसी टीम भी नही बनाई गयी है जो ईरिक्शा की बैटरियों को किस प्रकार चार्ज किया जाता है इसकी जांच करे। केस्कों के मीडिया प्रभारी द्वारा कहा गया है कि सुबह जल्दी चेकिंग कर ऐसे ईरिक्शा वालों को पकडने का प्रयास यिका जायेगा। लोग कटिया लगाकर ई रिक्शा चार्ज करने वालों की सूचना केस्कों को दे, जिसपर कार्यवाही की जायेगी। कहा कि रिक्शा बैटरी की चार्जिंग क लिएि काॅमर्शियल कनेक्शन लिया जाना चाहिये।   

No comments:

Post a Comment