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Saturday, 18 November 2017

शुरू हुई माघ मेले की तैयारियां



माघ मेले के दौरान बंद रहेगी टेनरिया, शुद्धीकरण के बाद ही जायेगा गंगा में दूषित जल

दो माह तक नही जायेगी ट्रीटमेंट प्लान की बिजली, नही होगे गंगा नदी में शव प्रवाह

कानपुर नगर(रजत सिंह) आने वाले जनवरी महीने में होने वाले माघ मेले को लेकर शासन द्वारा आदेश दिये जा चुके है लेकिन गंगा में जल का लगातार गिरता स्तर चिंता का विषय बना हुआ है। कानपुर में 21 नाले है, जिनसे 36 करोड लीटर दूषित जल प्रतिदिन गंगा नदी में गिरता है। महज सीसामऊ नाले से ही 13.6 करोड लीटर दूषित पानी गंगा में मिल रहा है। बीते कई वर्षो से नाला को बंद करने की बात ही चल रही है अभी इसका काम भी शुुरू नही हो पाया है। जनवरी महीने में पडने वाले माघ मेले को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गयी है साथ ही गंगा के जल स्तर को बनाये रखने के लिए नरौना बांध से अतिरिक्त पानी छोड जा रहा है। अभी एक हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोडा जाता है वहीं माघ मेले के दौरान पानी गंगा जल को शुद्ध करखने के लिए 25 सौ क्यूसेक पानी छोडा जायेगा साथ ही मेला के दौरान टेनरियों को भी बंद रखा जायेगा जिसके निदेश भी जारी हो चुके है। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह द्वारा शासनादेश के अनुसार सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों से कहा जा चुका है कि माघ मेला तक टेनरियों को बंद कराया जाये साथ ही इस आदेश का पालन हो इसके लिए वरिष्ठ पुलिसि अधीक्षक को यह जिम्मेदारी भी सौपीं जा चुकी है। साथ ही इस बात के भी निर्देश जारी किये जा चुके है कि गंगा में किसी प्रकार से मनुष्यों व जानवरों के शव प्रवाहित न होने पाये जिसकी जिम्मेदारी भी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व उ0प्र0 प्रदूषण नियंत्रण कोर्ड के साथ गठित टीम को दी जा चुकी है। वहीं सख्त निर्देश है कि गंगा में किसी प्रकार से टेनरियों का दूषित पानी तथा सीवर पानी का जाने पाये। दूषित जल का शुद्धिकरण कराकर ही साफ पानी गंगा में डाला जाये, इसके लिए दो माह तक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को बिजली कटौती से भी मुक्त रखा जायेगा।

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