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Friday, 1 December 2017

निकाय चुनाव में खिला कमल, प्रमिला बनी शहर की प्रथम नागरिक

दूसरे नम्बर पर रही कांग्रेस की वंदना मिश्रा
चल पडा हाथी, फिसल गयी साईकिल
विशु रक्सेल,अमित वर्मा,प्रदीप राठौर
कानपुर नगर,उत्तर प्रदेश में एक बार फिर जमकर कमल खिला। सूबे की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहली परीक्षा मानी जा रही थी जिसमें वह सफल भी साबित हुऐ। पूरे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा अपना खाता तक नही खोल सकी। इसी क्रम में कानपुर में भी महापौर के पद पर प्रमिला पाण्डे ने जीत हासिल की जबकि कांग्रेस से वंदना मिश्रा, सपा से माया गुप्ता, बसपा से अर्चना निषाद चुनाव हार गयी। कानपुर में मतगणना तय समय से 15 मिनट देरी से शुरू हो सकी। कारण यह रहा कि ईवीएम मशीन काउंटिंग रूम तक नही पहुंची, क्योंकि ईवीएम उठाने के लिए वहां कोई कर्मचारी नही पहुचा था। मतगणना शुरू होते ही वार्ड स्तर पर पाषर्द प्रत्याशियों के परिणाम आने शुरू हो गये, दोपहर बाद महापौर पद के लिए फाइनल जीत दर्ज हुई। नगर निगकाय चुनाव में प्रदेश में बीजेपी को बढत मिलते और कानपुर में मेयर पद के लिए बीजेपी प्रत्यासी कांग्रेस की प्रत्यासी को पीछे छोडते हुए आगे गढते ही शहर के बीजेपी कार्यकर्ता जोश में आ गये और रिजल्ट के आये बगैर ही कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर मिठाई भी वितरण कर दी। जैसे जैसे समय बीतता गया बीजेपी कार्यकर्ताओं के चेहरे कमल की तरह खिलते नजर आ रहे थे।
जैसे ही निकाय चुनाव की मतगणना शुरू हुई वैसे ही महापौर पद के लिए भाजपा की प्रमिला पाण्डे ने बढत बना ली जो अंत तक बनी रही। पूरे मतगणना के दौरान कोई समय ऐसा नही आया जब कोई दूसरा प्रत्याशी उनके करीब पहुंचा हो। मतगणन से पहले बीजेपी मयर प्रत्याशी परमट स्थित बाबा आनन्देश्वर मंदिर पहुंची जहां उन्होने विधि विधान से पूजा किया तथा कहा कि उन्हे जनता के फैसले और अपनी जीत पर पूरा विश्वास है उनकी इस बार जीत तय है। उन्होने कहा कि उनकी जीत तो उसी दिन तय हो गयी थी जब बीजेपी पार्टी ने उन्हे टिकट दिया था। मतगणना के बाद उत्साह कार्यकर्ताओं में था ही वहीं जीत की औपचारिकता ही शेष रह गयी थी। भाजपाईयों ने जीत का जश्न मनाने की तैयारी भी कर रखी थी और जीत घोषित होते ही मिठाईया बांटी गयी, पटाखे छुटाये गये साथ ही ढोल की थाप पर भाजपाई थिरक उठे। उन्होने इस जीत को जनता की जीत करार दिया तथा कहा कि अब जनता जाग चुकी है और वह भलि भांति जानती है कि कौन सी पार्टी जनता, समाज और देश के हित में काम कर रही है। वहीं दूसरे नम्बर पर कांग्रेस की प्रत्याशी वंदना मिश्रा रही जो सुबह से ही लागातार भाजपा प्रत्याशी के पीछे चलती रही। मतगणना के पहले माना जा रहा था कि मेयरपद की लडाई भाजपा और कांग्रेस के बीच होगी।
सजग रहा प्रशासन, हर हरकत पर रही नजर

कानपुर में मतगणना से पूर्व प्रशासन द्वारा सभी प्रकार के सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक स्तर पर इंतजाम पूरे कर लिये गये थे। पुलिस विभाग के आला अधिकारियो से लेकर जिलाधिकारी तक मतगणना के दौरान हर हलचल पर नजर बनाये हुए थे वहीं मजिस्ट्रेट भी लगातार निरीक्षण पर रहे। मतगणना परिसर में प्रत्याशी, मतगणना एजेंट और चुनाव एजेंट ही जा सके और प्रत्याशियों के समर्थक बाहर ही चुनाव परिणामों का इंतजार करते रहे। इस दौरान जहां जीते प्रत्याशियों व उनके समर्थकों में उत्साह दिखा तो वहीं हारे हुए प्रत्याशियों में मायूसी। इसी हार-जीत के दौर के मध्य मतगणना स्थल पर तैनात पुलिस भी पूरी तरह सक्रीय रही। मतगणना स्थल को बैरीकेटिंग लगाकर पूरी तरह कवर कर लिया गया था। प्रशासन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिखा। सुबह मतगणना शुरू होने से लेकर शाम 6 बजे तक व्यवस्था चाक चैबंद रही वहीं मतगणना के दौरान किसी प्रकार की गडबडी न हो, इसके लिए नौबस्ता चैराहे से मंडी समिति हमीरपुर तथा घाटमपरु की ओर आने-जाने वाले वाहनों का रूट बदल दिया गया तो वहीं इटावा, कानपुद देहात से लखनऊ और इलाहाबाद की ओर जाने वाले भारी वाहनो को नेशनल हाईवे से भेजा गया।         

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