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Thursday, 11 January 2018

● कानपुर में आर0टी0ओ0 दफ्तर का "पेशाब घर" स्वच्छता अभियान को चिढ़ा रहा मुँह

पी0एम0 के ड्रीम प्रोजेक्ट "स्वच्छता ही सेवा है" अभियान को पलीता लगाता कानपुर का आर0टी0ओ0 कार्यालय
● समूचे देश में "स्वच्छता" को तवज्जो दे रहे हैं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

● सभी शहरों में नेताओं से लेकर अधिकारियों तक ने खूब लगाई झाड़ू

● कार्यालय के अन्दर नहीं हैं पेशाब घर, दीवालें बनीं जरूरत मन्दों का सहारा

● परिसर में सिर्फ एक पेशाब घर! वह भी बेतरतीब खड़ी गाड़ियों से ढका, रोड में गंदगी चरम पर

● ऐसी गम्भीर समस्या से आर0टी0ओ0 प्रशासन बेपरवाह, लोग परेशान

कानपुर महानगर।(सर्वोत्तम तिवारी)केंद्र में सत्ता संभालते ही भारत के प्रधानमंत्री ने स्वच्छता को लेकर जो जागरूकता दिखाई वो किसी से छिपी नहीं है।पी0एम0 ने खुद सड़कों पर झाड़ू लगाकर यह संदेश दिया कि अब देश, प्रदेश, शहर, मुहल्ले, गलियाँ, सड़कें और सरकारी कार्यालय गन्दे नहीं रहने चाहिये। जिसके तहत थानों से लगाकर सरकारी कार्यालयों तक जमकर झाड़ू लगाई गई। शायद इसी का नतीजा था कि नगर निगम प्रशासन को सुबह तड़के उठ-उठकर गली मुहल्लों और गांवों में टीम बनाकर शीटी तक बजानी पड़ी।जिससे लोगों को खुले में शौंच से रोका जा सके।पीएम के संदेश और स्वच्छता बरकार रखते हुये जिला प्रशासन ने कई गांवों को ओ0डी0एफ0 मुक्त भी किया और उनके मुखिया को कई मंचों से सम्मानित भी किया।
जहाँ प्रधानमंत्री ने प्रत्येक गांव में घर-घर सरकारी शौंचालय बनवाये वहीं नगर महापालिका और नगर निगमों ने शहरी क्षेत्रों में लग्जरी शुलभ शौंचालय।

लेकिन नहीं चेता तो सिर्फ आर0टी0ओ0 कानपुर कार्यालय! ऐसा नहीं कि इस विभाग के अलावा कहीं सरकारी कार्यालयों में ऐसी समस्यायें नहीं है लेकिन रावतपुर स्थित इस आरटीओ विभाग में हालात बहुत दयनीय हैं। इस विभाग में रोजाना हजारों लोगों का आना जाना होता है| जानकार बताते है कि इस इतने बड़े विभाग में सिर्फ एक "पेशाब घर" का होना बहुत बड़ी समस्या खड़ी करता है| एक "पेशाब घर" वो भी आड़ी-तिरछी खड़ी गाड़ियों से छिपा रहता है|
साथ ही उस पेशाब घर में गंदगी इतनी कि आप उसको यूज करना तो दूर उधर देखना भी पसन्द नहीं करेंगे| कभी किसी जिम्मेदार ने उसकी सफाई कराना उचित नहीं समझा| जो शायद पीएम प्रोजेक्ट "स्वच्छता ही सेवा है" अभियान पर खुला तमाचा है|
न चाहते हुये भी लोगों को दीवाल का सहारा लेना पड़ता है| ऐसी स्थिति में पुरुषों को तो छोड़िये आने वाली महिलाओं को इस गम्भीर समस्या से कितना जूझना पड़ता होगा इसका अंदाजा भी लगाना मुश्किल है|
इस विकट समस्या से आम जनमानस तो रूबरू है लेकिन आर0टी0ओ0 विभागीय जिम्मेदार बेपरवाह| आर0टी0ओ0 दफ्तर परिसर में "पेशाब घर" के अभाव में रोड तक फैली इस भीषड़ गंदगी से हर आने वाला नागरिक जूझता है|
स्थिति सोंचनीय हो जाती है कि पी0एम0 द्वारा स्वच्छता के प्रति इतनी सख्ती और जागरूकता दिखाने के बाद भी सरकारी मशीनरी इतनी लापरवाह क्यों?

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