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Thursday, 18 January 2018

सरकार किसी की भी हो, सुरक्षित नहीं हैं महिलायें

न्याय की आस में दर दर भटक रही पीड़िता

कानपुर के गोविंदनगर थाना क्षेत्र का मामला

दबौली सबस्टेशन की संविदाकर्मी युवती ने एजीएम और एसडीओ पर लगाये थे छेड़खानी के आरोप

थाने में कई माह पहले हुई थी एफ0आई0आर0, अभी तक नहीं हुई कोई भी सुनवाई

कार्यवाही न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद, युवती पर डाल रहे समझौते का दबाव, दे रहे जान से मार देने की धमकी

कानपुर महानगर।(नीरज शर्मा) सूबे में सरकार भले ही बदल चुकी हो लेकिन पीड़ित महिलाओं का दर दर भटकना ये दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में महिलायें सुरक्षित नहीं हैं।खाकी की लचर कार्य प्रणाली से पीड़ित न्याय के लिये मोहताज है।प्राप्त जानकारी के अनुसार दबौली सब स्टेशन में जूही निवासी एक युवती संविदा कर्मी है जिसके साथ विगत दिनों विभाग के एजीएम और एसडीओ ने छेड़छाड़ की थी। एजीएम सरदार गुरमीत सिंह और एसडीओ संतोष तिवारी द्वारा केसा कार्यालय के अंदर कई बार की गई छेड़छाड़ से आहत युवती ने घर आकर जहरीला पदार्थ खा लिया था। जानकारी होने पर परिजनों ने जूही परमपुरवा के हाशमी हॉस्पिटल में इलाज कराने के बाद गोविंदनगर थाने में उपरोक्त आरोपियों खिलाफ तहरीर दी। जिसपर गोविंदनगर पुलिस ने आननफानन में एफआईआर तो दर्ज कर ली लेकिन आजतक आरोपियों के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं हुई। जिससे आरोपियों के हौशले बुलंद हैं। मुकदमा दर्ज हुये कई माह बीत जाने के बाद भी पीड़िता न्याय के लिये दर दर भटक रही है लेकिन आजतक कोई भी कार्यवाही न होना खाकी की लचर रवैये को दर्शाता है। आरोपियों द्वारा पीड़िता को बार बार समझौते का दबाब डाला जा रहा है और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। जिससे पीड़ित युवती काफी डरी सहमी है। स्थिति सोंचनीय हो जाती है कि ऐसे हालातों में खाकी अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाती। खाकी की हीलाहवाली से आज अपराध चरम पर है।

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