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Saturday, 16 June 2018

आयुष्मान भारत योजना के तहत दावों के भुगतान में देरी पर बीमा कंपनियों को 1% ब्याज देना होगा

नई दिल्ली. भारत सरकार ने उन बीमा कंपनियों पर जुर्माना लगाने का प्रस्ताव दिया है, जो आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (एनएचपीएस) के तहत किए गए दावों (क्लेम) का भुगतान अस्पतालों को वक्त पर नहीं करती हैं। इसके तहत अगर कोई बीमा कंपनी दावे का भुगतान अदा करने में 15 दिन से ज्यादा की देरी करती है, तो उसे दावा राशि पर तब तक एक फीसदी ब्याज देना होगा जब तक पूरी राशि चुका नहीं दी जाती। केंद्र सरकार के इस नियम की जानकारी शनिवार को सार्वजनिक हुई।
बीमा कंपनियों को जुर्माना अस्पताल कोदेना होगा
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, वक्त पर दावों का भुगतान नहीं करने वाली बीमा कंपनियों को जुर्माना (ब्याज) सीधे अस्पताल को चुकाना होगा। इस योजना के लाभार्थियों को एक दस्तावेज मिलेगा। इसमें कवर की जाने वाली बीमारियों और उस पर भुगतान की जाने वाली राशि की सीमा की जानकारी होगी। इसके अलावा कुछ बीमारियों के लिए पहले से अप्रूवल लेना होगा
योजना 15 अगस्त से लागू हो सकती है
- प्रधानमंत्री 15 अगस्त को देशभर में योजना लागू करने की घोषणा कर सकते हैं। 20 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ एमओयू कर चुके हैं। दिल्ली, ओडिशा, पंजाब और पश्चिम बंगाल ने रुख साफ नहीं किया है। केंद्र सरकार की इन चारों राज्यों से बातचीत चल रही है। राज्य सरकारें बीमा कंपनियों, ट्रस्ट या सोसाइटी के जरिए इस योजना को लागू कर सकेंगी।
सालाना 5 लाख रुपए तक फ्री इलाज की सुविधा मिलेगी
- केंद्र सरकार ने बजट में आयुष्मान भारत योजना का एलान किया था। कहा था कि इसके तहत देश के 10 करोड़ लोगों का फायदा मिलेगा। हालांकि इसे नाम बाद में दिया गया।

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