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Sunday, 24 November 2019

पाकिस्तानी सेना ने अपने ही ब्रिगेडियर राजा रिजवान को फांसी पर चढ़ाया



पाकिस्तानी ‌सेना ने अपने ही ब्रिगेडियर‌ को जासूसी के आरोप में फांसी पर चढ़ा दिया




राष्ट्रीय समाचार -  पाकिस्तानी ‌सेना (Pakistan Army) ने अपने ही एक ब्रिगेडियर‌ (Brigadier) को जासूसी (Spying) के कथित आरोप में फांसी पर चढ़ा (Hang to Death) दिया है‌। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) से जुड़े ऐसे वो कौन से राज थे जिन्हें ब्रिगेडियर (Brigadier) राजा रिजवान (Raja Rizwan) विदेशी ताकतों को जासूसी (Spying) कर रहे थे। पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) और सरकार जासूसी (Spying) के इस मामले को भले ही छिपाने की कोशिश करे लेकिन इतना साबित हो चुका है कि जनरल बाजवा पाकिस्तानी सेना में विदेशी खुफिया एजेंसियों की सेंध से बेहद खौफजदा हैं। ब्रिगेडियर (Brigadier) राजा रिजवान (Raja Rizwan) को फांसी (Hang to Death) देने की जानकारी पाकिस्तानी डिफेंस‌‌ साइट, 'पीके डॉट डिफेंस' ने प्रकाशित की है। फिल्हाल, पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army)  के मीडिया विंग आईएसपीआर ने ब्रिगेडियर (Brigadier) राजा रिजवान (Raja Rizwan) को फांसी पर चढाने (Hang to Death) की इस खबर पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। डिफेंस डॉट पीके के मुताबिक, ब्रिगेडियर राजा रिजवान ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख से अपने को दोषमुक्त करने की अपील की थी लेकिन अपील खारिज होने पर उन्हें फांसी की सजा दे दी गयी । 

दरअसल, इसी साल मई के महीने में पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) ने ब्रिगेडियर (Brigadier) राजा रिजवान (Raja Rizwan) और लेफ्टिनेंट जनरल जावेद इकबाल सहित एक सिविलयन का जासूसी के (Spying) आरोप में कोर्ट मार्शल किया था। इन तीनों पर एक 'विदेशी ताकत' के लिए जासूसी (Spying) करने का आरोप था। कोर्ट मार्शल की कारवाई के बाद राजा रिजवान (Raja Rizwan) को फांसी की सजा (Hang to Death) सुनाई गई थी जबकि जावेद इकबाल को 14 साल जेल की सजा सुनाई गयी । 

पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) के इतिहास में ये पहला ऐसा मामला था जब एक ब्रिगेडियर‌ (Brigadier) सहित दो बड़े सैन्य अधिकारियों को जासूसी (Spying) के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले का खुलासा भी कभी नहीं होता अगर आरोपी अधिकारियों के परिवारवालों ने अदालत का दरवाजा खटखटाकर उन्हें ढूंढने की गुहार न लगाई होती। क्योंकि दोनों ही अधिकारियों को पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) ने एक लंबे समय तक गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा हुआ था। लेकिन कोर्ट में मामला आने पर फरवरी में आईएसपीआर ने खुलासा किया था कि दोनों अधिकारियों को अलग अलग मामले में जासूसी (Spying) के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और कोर्ट मार्शल की कारवाई चल रही है। साथ ही ये भी बताया कि दोनों एक 'फॉरन पावर' के लिए काम कर रहे थे।


ब्रिगेडियर‌ (Brigadier) राजा रिजवान (Raja Rizwan) पर जर्मनी की में पाकिस्तानी दूतावास में मिलिट्री-अटैचे (2009-12) के तौर पर तैनाती के दौरान अमेरिकी गुप्तचर एजेंसी, सीआईए को बेहद ही संवदेनशील जानकारियों की जासूसी (Spying) करने का आरोप था। जिससे यह खुलासा हुआ था कि किस तरह से पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) आतंक और आतंकियों को पालती है और बढ़ावा देती है। राजा रिजवान (Raja Rizwan) ने ही ओसाम बिन लादेन के पाकिस्तान में छिपे होने की खबर अमेरिका को दी थी, जि‌‌सके बाद अमेरिकी सील कमांडोज़ ने एक‌ सीक्रेट ऑपरेशन में मार गिराया था। जासूसी (Spying) का दूसरा आरोपी लेफ्टिनेंट जनरल जावेद इकबाल पाकिस्तानी सेना की रावलपिंडी स्थित 111वीं ब्रिगेड ('तख्ता-पलट') के कमांडर सहित डीजीएमओ जैसे अहम पदों पर रहकर वर्ष 2015 में रिटायर हुआ था। जिस सिविलयन का कोर्ट मार्शल हुआ था वो काहोट स्थित पाकिस्तानी परमाणु-संयंत्र में काम करता था ।

सूत्र - N 24

Images Courtesy:Google

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