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Friday, 10 January 2020

चाईल्ड लाईन कानपुर ने केक काटकर गरीब बच्चों के साथ मनाई दूसरी वर्षगाँठ





रेलवे चाइल्ड लाइन कानपुर सेंटर  के 2 वर्ष पूरे होने पर चाइल्डलाइन ने गरीब बच्चों के साथ केक काटकर खुशी मनाई। 

कानपुर - सुभाष चिल्ड्रेन सोसाइटी द्वारा संचालित कानपुर सेंटर पर बच्चों की मदद के लिए संचालित चाइल्डहेल्प डेस्क का संचालन विगत 10 जनवरी 2018 से किया जा रहा है जिस क्रम में आज दिनांक 10 जनवरी 2020 को रेलवे चाइल्ड लाइन की दूसरी वर्षगांठ पर कानपुर सेंट्रल पर स्थित बाल सहायता बूथ में रेलवे स्टेशन के पास मलिन बस्ती में रह रहे लगभग 50 से अधिक बच्चों के साथ रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम ने केक काटकर वर्षगांठ मनाई। 




कार्यक्रम के दौरान प्रेस वार्ता की गई जिसमें रेलवे चाइल्ड लाइन के निर्देशक कमल कांत तिवारी जी के द्वारा प्रेस वार्ता के पत्रकारों को विगत 2 वर्षों की रेलवे चाइल्ड लाइन को सफलता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे लाइन द्वारा विगत 2 वर्षों में पुल 1803 बच्चों को मदद पहुंचाई गई जिसमें 1601 बच्चों को परिजनों से मिलाया गया जिसके साथ ही अन्य बच्चों को बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार सरकारी व गैर सरकारी आश्रय ग्रहों और बाल ग्रहों में आश्रय दिया गया ।




इस अवसर पर बच्चों को केक बिस्किट चॉकलेट गुब्बारे काफी समोसे आदि का वितरण किया गया और लोगों से स्टेशन परिसर में बाल हितैषी वातावरण बनाने की अपील की गई साथ ही उपस्थित लोगों को रेलवे चाइल्ड लाइन के कार्यक्रम के प्रति जागरूक किया गया निदेशक कमल कांत तिवारी ने बताया कि चाईल्ड लाइन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली देश की सबसे बड़ी हेल्पलाइन है उन्होंने बताया कि यदि समाज में किसी भी व्यक्ति को कोई बच्चा भूला भटका घायल असहाय या रोता हुआ बच्चा जो परिवारिक स्थिति के कारण शिक्षा एवं अन्य मूलभूत सहायता को नहीं प्राप्त कर पा रहा है तो इन सभी दशाओं के उक्त बच्चों की मदद करने में हमें चाहिये कि हम किसी भी फोन से 1098 डायल करके ऐसे बच्चों की सूचना नजदीकी चाईल्ड लाइन में कार्यरत स्वयंसेवी को दें ताकि यह स्वयंसेवक इन बच्चों की उचित मदद कर सके। 




रेलवे चाइल्ड लाइन कानपुर नगर के समन्वयक गौरव सचान जी ने बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी जिसके साथ ही कहा गया कि बच्चे अपने व परिवार की विभिन्न परिस्थितियों व समस्याओं से जूझते हुए आर्थिक तंगी से परेशान परिजनों से नाराज बच्चे ट्रेन को सरल माध्यम मानते हुए पलायन कर जाते हैं और रेलवे स्टेशन पर आकर विभिन्न अराजक तत्वों के संपर्क में आकर अपराधिक व नसे की प्रवृत्ति में लिप्त हो जाते हैं और अपने जीवन को नरकी बना लेते हैं और चाइल्ड हेल्प डेस्क योजना भारत की बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है जो कि बच्चों को परिजनों से बिछड़ने और बच्चों को अपराधिक प्रवृत्ति में  लिप्त होने से रोकने में कारगर सिद्ध हो रही है इस कार्यक्रम मैं मुख्य रूप से स्टेशन निर्देशक हिमांशु शेखर उपाध्याय, स्टेशन अधीक्षक आरएनपी त्रिवेदी, जीआरपी इंस्पेक्टर राम मोहन रॉय, जीआरपी बाल कल्याण अधिकारी श्यामलाल, रेलवे चाईल्ड लाइन निर्देशक कमल कांत तिवारी, गौरव सचान, काउंसलर मंजू लता दुबे, टीम मेंबर अमिता तिवारी रीता सचान संगीता सचान प्रदीप पाठक उमाशंकर सिंह अनामिका मिश्रा नारायण दत्त त्रिपाठी व संस्था  में इंटर्नशिप कर रहे छात्र हर्षिता दीक्षित, प्रयास सोनकर शरद यादव नवनीत भाटिया सत्यनारायण निवेतिया विजय कुमार ने पटिया अशोक कुमार आदि लोग उपस्थित रहे। 

रिपोर्ट - रमन गुप्ता । 

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