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Thursday, 11 June 2020

माता पिता द्वारा बिधनू क्षेत्र में लावारिस छोड़ी गयी 3 माह की मासूम को सुभाष दत्तक ग्रहण इकाई में मिला आश्रय





कानपुर । बीते दिनों 3 माह की फूल सी मासूम बालिका को उसके निर्दयी माता-पिता ने ठुकरा कर कानपुर नगर के बिधनू क्षेत्र में छोड़ दिया था जिसके पश्चात प्रशासन की निगरानी में बालिका को उपचार हेतु हैलट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था । जहाँ से इलाज के उपरान्त बच्ची के पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद बच्ची को चाईल्डलाईन के सुपुर्द कर दिया गया और बच्ची का नाम रुक्मणी रखा गया ।

हैलट हॉस्पिटल में तैनात डॉ यशवंत राव द्वारा चाईल्डलाईन को उपरोक्त मासूम बच्ची के बारे में अवगत कराये जाने के बाद चाईल्डलाईन कार्यकर्ता हैलट हॉस्पिटल पहुँचे और बच्ची को अपनी सुपुर्दगी में लिया।

दिनांक 25 मई 2020 को बाल कल्याण समिति कानपुर नगर द्वारा बच्ची को स्वस्थ होने के उपरांत हैलट हॉस्पिटल से अपनी सुपुर्दगी में लेते हुये चाईल्डलाईन कानपुर द्वारा विशेष दत्तक ग्रहण इकाई में आश्रय दिलाने के लिये आदेशित किया गया था जिस क्रम में आज बालिका रुक्मणी को हैलट हॉस्पिटल से चाईल्डलाईन काउंसलर मंजुला तिवारी व दिनेश सिंह ने अपनी सुपुर्दगी में लेते हुये नौबस्ता स्थित सुभाष चिल्ड्रन विशेष दत्तक ग्रहण इकाई 19 राजीव बिहार नौबस्ता कानपुर नगर में आश्रय दिलाया ।

सुभाष चिल्ड्रन होम के प्रबंधक कमल कांत तिवारी ने बताया कि बालिका को बाल कल्याण समिति कानपुर नगर द्वारा सुभाष चिल्ड्रन विशेष दत्तक ग्रहण इकाई में आश्रय दिलाया गया है साथ ही उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में 16 बच्चे संस्था के आश्रित है।

साथ ही उन्होंने बताया कि 60 दिनों के भीतर बच्ची के परिजनों के न मिलने पर किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 38 के अनुसार दत्तक ग्रहण देने हेतु स्वतंत्र कराया जायेगा और गोद लेने की विधिक प्रक्रिया आरंभ कर दी जायेगी ।

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