Latest News

Comments system

[blogger][disqus][facebook]

Sunday, 23 August 2020

कायस्थ समाज को भाजपा उo प्रo कार्यकारिणी में स्थान ना देने पर कायस्थ समाज में रोष





लखनऊ । भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के संगठनात्मक ढाँचे में कायस्थों की उपेक्षा से कायस्थ समाज में रोष व्याप्त है । भाजपा उत्तर प्रदेश की प्रदेश इकाई का विस्तार शनिवार को किया गया था जिसकी सूची सोशल मीडिया पर प्रकशित की गयी थी लेकिन लिस्ट का अवलोकन करने पर एक भी कायस्थ पदाधिकारी का नाम ना होने से कायस्थ समाज के लोगों मे रोष का व्याप्त है । कायस्थ समाज को भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी मे स्थान ना देने पर कायस्थ समाज में रोष लखनऊ - भाजपा उत्तर प्रदेश की प्रदेश इकाई का विस्तार शनिवार को किया जिसकी सूची जारी सोशल मीडिया पर प्रकशित की गई लिस्ट का अवलोकन करने बाद कायस्थ समाज के लोगों मे रोष का माहौल है अखिल भारतीय कायस्थ महा सभा पंजी. दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री योगेन्द्र नाथ श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया के माध्यम से से अपना विरोध प्रदेश अध्यक्ष स्वतन्त्र देव सिंह, संगठन मंत्री सुनील बंसल एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के समक्ष जाहिर किया वही उत्तर प्रदेश अखिल भारतीय कायस्थ महा सभा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अधिवक्ता सचिन कुमार श्रीवास्तव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया जिसमें उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में कायस्थ समाज के लोग राष्ट्रवाद को मानते हुए भाजपा वोट करते हैं और दिन रात जिले व मंडल स्तर के कार्यकर्ता भाजपा के लिए निस्वार्थ भाव से काम करते हैं लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा कायस्थों का सूची नाम ना होना ये दर्शाता है कि अब भाजपा कायस्थों की उपेक्षा पर उतर आयी है। इसका जवाब 2022 के चुनाव में दिया जाएगा।

अखिल भारतीय कायस्थ महा सभा (पंजीo) दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री योगेन्द्र नाथ श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना विरोध भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतन्त्र देव सिंह, संगठन मंत्री सुनील बंसल एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के समक्ष जाहिर किया वही उत्तर प्रदेश अखिल भारतीय कायस्थ महा सभा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अधिवक्ता सचिन कुमार श्रीवास्तव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराते हुये उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में कायस्थ समाज के लोग राष्ट्रवाद को मानते हुये भाजपा वोट करते हैं और दिन रात जिले व मंडल स्तर के कार्यकर्ता भाजपा के लिये निस्वार्थ भाव से काम करते हैं लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जारी की गयी सूची में कायस्थों का नाम ना होना ये दर्शाता है कि अब भाजपा कायस्थों की उपेक्षा पर उतर आयी है। इसका जवाब 2022 के चुनाव में दिया जायेगा । 

रिपोर्ट - अभिषेक श्रीवास्तव । 

No comments:

Post a comment