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Sunday, 27 December 2020

केडीए आवंटन निरस्त करने की धमकी देकर कर रहा अवैध वसूली






कानपुर । कानपुर विकास प्राधिकरण द्वारा रतनपुर आवासीय योजना के आवंटी विजय बहादुर श्रीवास्तव से अवैध वसूली हेतु लगातार आवंटन निरस्त करने की धमकी दी जा रही है जिसकी शिकायत पीड़ित मुख्यमन्त्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी कर चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई ।

गुजैनी निवासी विजय बहादुर श्रीवास्तव ने बताया कि कानपुर विकास प्राधिकरण की रतनपुर आवासीय योजना में वर्ष 1989 उन्हें भवन संख्या ईडब्ल्यूएस 31/697 आवंटित होकर वर्ष 1991 में प्राधिकरण से अनुबंध हुआ था । अनुबंध की शर्तो के अनुसार अनुबंध होने के बाद प्राधिकरण द्वारा आवंटी को आवंटित भवन पर कब्जा दे दिया जाना था लेकिन प्राधिकरण द्वारा पीड़ित को कब्जा नहीं दिया गया और उपरोक्त भवन पर किसी रेखा देवी पाण्डेय का अवैध कब्जा करा दिया गया तथा बाद में अवैध कब्जेदार रेखा देवी पाण्डेय के पक्ष में दोहरा आवंटन कर दिया गया और पीड़ित कब्जा प्राप्त करने हेतु लगातार केडीए के चक्कर लगाता रहा ।

पीड़ित का कहना है कि 22 अगस्त 2013 को प्राधिकरण के तत्कालीन संयुक्त सचिव जोन - 2 प्रदीप सिंह ने एक दैनिक समाचार पत्र में विज्ञापन देकर रतनपुर आवासीय योजना के एक चौथाई धनराशि जमा कर चुके आवंटियों को शेष धनराशि प्राधिकरण कोष में जमा करके अपने पक्ष में रजिस्ट्री कराने का मौका दिया था जिसके अनुपालन में पीड़ित ने अपने पुत्र के माध्यम से दिनांक 24 अगस्त एवं 10 सितंबर 2013 को समाचार पत्र की छायाप्रति सहित समस्त दस्तावेज संलग्न कर रजिस्ट्री कराने हेतु अपना प्रार्थनापत्र केडीए उपाध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत किया लेकिन प्राधिकरण द्वारा ना तो भवन के संबन्ध में बकाया धनराशि बताई गयी और ना ही कोई जवाब दिया गया ।

आवंटी का आरोप है कि भ्रष्टाचार में लिप्त प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा उसका लगातार उत्पीड़न किया गया लेकिन हार ना मानते हुये वह लगातार प्राधिकरण के अधिकारियों के पास चक्कर लगाता और वर्ष 2015 में प्राधिकरण की एकमुश्त समाधान ( ओटीएस ) योजना में आवेदन भी किया लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा ना तो आवंटित भवन का कब्जा दिया गया और ना ही ओटीएस आवेदन का कोई जवाब नहीं दिया गया ।

विजय बहादुर श्रीवास्तव ने बताया कि तमाम जद्दोजहद के बाद प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2018 में उन्हें उपरोक्त आवंटित भवन के स्थान पर उसी योजना में वैकल्पिक भवन के रूप में भवन संख्या 386/697 आवंटित कर दिया गया लेकिन बकाया धनराशि की कोई जानकारी नहीं दी गयी ।

जिस पर उन्होंने ने मुख्यमन्त्री जनसुवाई पोर्टल शिकायत दर्ज कराते हुये बकाया धनराशि बताये जाने की माँग की जिस पर केडीए ने अपनी निस्तारण आख्या में वर्तमान में प्रचलित एकमुश्त समाधान योजना 2020 में पुनः आवेदन करने की शर्त रखते हुये आवंटन निरस्त करने की धमकी दे डाली ।

बार बार शिकायत के बावजूद केडीए से लेकर प्रशासन और शासन तक कोई सुनवाई ना होने पर पीड़ित ने आवंटन निरस्त होने के डर से पुनः एकमुश्त समाधान योजना में आवेदन कर दिया जिसके संबन्ध में प्राधिकरण द्वारा भेजे गये माँग पत्र से उन्हीं कि प्राधिकरण द्वारा उनसे लगभग 1 लाख 50 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है ।

उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के लोगों का कहना है कि केडीए सरकार का एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान है इसलिये आपको एकमुश्त समाधान योजना 2015 का लाभ नहीं दिया जा सकता है आप चाहें तो कोर्ट से लाभ ले सकते हैं पीड़ित ने कहा कि केडीए की कार्यशैली बेहद खेदजनक है तथा केडीए द्वारा की जा रही वसूली भी पूरी तरह से गैर कानूनी है ।

ब्यूरो रिपोर्ट । 

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